खरीद ले प्लाट आयत (Take buy plot rectangle)

खरीद ले प्लाट आयत

आयत भारी आय दे, दे सुन्दर सन्तान।

आय सिद्धियाँ दौड़ के,खूब बढ़ाए मान।।

खूब बढ़ाए मान, और बनाय पहलवान।

सब शीष यँू झुकाय , जैसे उनके भगवान।।

कह ‘वाणी’ कविराज , समझ कुरान की आयत।

लेय पैसे उधार , खरीदलो प्लाट आयत।।

शब्दार्थ: आयत = आमने सामने की भुजा समान व चारों कोण समकोण वाली आकृति, कुरान की आयत =इस्लाम धर्म के उपदेश

भावार्थ: आयताकार प्लाट अच्छी आय व संतानदायक होता है। थोड़ी सी साधना कर अलौकिक सिद्धियाँ प्राप्त की जा सकती हैं। सम्मान-वृद्धि के साथ-साथ शरीर भी सुदृढ़ बनता है। समाज के लोगों से आपको इस प्रकार सम्मान मिलता है जैसे आप ही उनके भगवान हैंे।

‘वाणी’ कविराज कहते हैं कि कुरान की आयत के समान आयताकार प्लाट को आप हर दृष्टि से लाभदायक समझें । यदि धन की कमी हो तो उधार धन लेकर आयताकार भूखण्ड खरीद लेवें। ध्यान रखे भूखण्ड की लम्बाई, चैड़ाई की तुलना में तीन गुनी से अधिक न हो

1 टिप्पणी:

संगीता पुरी ने कहा…

अच्‍छी जानकारी !!

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